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सस्य विज्ञान

चालू परियोजनाएं

  1. संसाधन उपयोग क्षमता में सुधार के लिए मक्का आधारित फसल प्रणाली में संरक्षण जुताई का मूल्यांकन
  2. मक्का आधारित फसल प्रणाली में स्थान विशिष्ट पोषक तत्व प्रबंधन
  3. मक्का आधारित फसल प्रणाली में संरक्षण कृषि तहत नाइट्रोजन प्रबंधन
  4. उच्च उत्पादकता और मृदा स्वास्थ्य के लिए विविध मक्का आधारित फसल प्रणाली

उपलब्धियां

  • मक्का आधारित फसल प्रणाली में संरक्षण कृषि: मक्का आधारित फसल प्रणाली जैसे मक्का-चना-ढैंचा, मक्का-सरसों-मुंग और मक्का-मक्का-ढैंचा के लिए शून्य जुताई प्रौद्योगिकी मिट्टी के बेहतर स्वास्थ्य और ऊर्जा की बचत के साथ उत्पादकता और लाभ बढ़ाने के लिए बेहतर विकल्प है. जबकि, मक्का- गेहूं- मुंग फसल प्रणाली में, स्थायी मेड पर बुवाई, शून्य और पारंपरिक जुताई की तुलना में बेहतर विकल्प है |
  • स्थान विशिष्ट पोषक तत्व प्रबंधन: मक्का आधारित दो प्रमुख फसल प्रणाली जैसे मक्का-गेहूं और चावल-मक्का में स्थान विशिष्ट पोषक तत्व प्रबंधन पोषक तत्व प्रबंधन का सबसे अच्छा तरीका साबित हुआ. इस अभ्यास से नाइट्रोजन और फॉस्फोरस को हटाने से मक्का की उपज काफी कम हो जाती है |
  • मक्का में नाइट्रोजन का समय निर्धारण: मक्का में नाइट्रोजन 5 बार देने से (बुवाई के समय 10%, वी4 पर 20%, वी8 पर 30%, नर मंजरी निकलने पर 30% तथा दाना भरने की अवस्था पर 10%) सिफारिश कि गयी प्रचलित तकनिकी (33% बुवाई के समय, 33% वी 8 पर तथा फूल निकलने पर 34%) की अपेक्षा काफी अधिक अनाज की उपज हुई | विभिन्न स्थानों पर किये गए प्रयोगों में नाइट्रोजन की सस्य दक्षता 3 विभाजन की तुलना में 5 विभाजन के साथ 3-16% अधिक पाई गयी |
  • अत्यधिक नमी के लिए सस्य प्रबंधन: घुटने तक की अवस्था में अत्यधिक नमी से बचाव के लिए मक्का में नाइट्रोजन सिफारिश की खुराक (120 किलोग्राम / हेक्टेयर) का विभाजन 25% बोने के 15 दिन बाद, 50% घुटने तक की अवस्था पर और 25% नर मंजरी निकलने पर सबसे अच्छा पाया गया है |
  • कम तापमान के लिए सस्य प्रबंधन: सर्दियों की मक्का में कम तापमान से बचाव के लिए पत्तो पर नाइट्रोजन (1% यूरिया) + पोटाश (2% पोटेशियम फॉस्फेट) + लोहा (200 पी पी एम) सबसे प्रभावी उपचार है तथा 'बुलंद' कम तापमान के लिए सहिष्णु है |
  • अन्तः सस्य प्रणाली: एकल फसल की तुलना में मक्का की युग्मित पंक्तियों के मध्य में उड़द की तीन पंक्तिया आधारित फसल प्रणाली लाभप्रदता बढ़ाने के लिए अधिक फायदेमंद साबित हुई है| शहरी क्षेत्रों के आसपास, एकल बेबी कॉर्न फसल की तुलना में बेड पर लगाए बेबी कॉर्न में चुकंदर, मटर और आलू का अन्तः सस्य लाभकारी पाया गया है |
  • अनुक्रमिक फसल: शहरी क्षेत्रों के आसपास सर्दियों की मक्का के लिए, मक्का- लोबिया- बेबी कॉर्न और मक्का-लोबिया-भिंडी सर्वश्रेष्ठ फसल अनुक्रम पाये गए और एकल मक्का की तुलना में इन प्रणालियों से 25-30% अधिक मक्का भुट्टा समतुल्य उपज पायी गयी है |
  • मक्का-गेहूं फसल प्रणाली में जटिल खरपतवार प्रबंधन: ,Vªkthu @ 1.0 किलो सक्रिय तत्व/ हेक्टेयर और esVªhC;wthu @ 0.25 किलो सक्रिय तत्व / हेक्टेयर को खरपतवार उगने से पूर्व बिजाई से 4 दिन के अन्दर छिडकाव करने से अच्छा खरपतवार नियंत्रण हुआ एवं उपज में वृद्धि पाई गयी| खरपतवारनाशियो के अलावा मक्का + आवरण फसल (लोबिया) से भी काफी खरपतवार नियंत्रण हुआ एवं उपज में वृद्धि हुई| अनुकर्मी गेहूं फसल पर खरपतवार प्रबंधन तरीको के अवशिष्ट प्रभाव के रूप में सबसे अधिक उपज मक्का + लोबिया लेने से पाई गयी |
  • इन्ब्रेड बीज उत्पादन के लिए सस्य तकनीक: इन्ब्रेड मक्का से उच्च बीज उत्पादन के लिए, फसल में उच्च पौध संख्या (60 सेमी x 20 सेमी) तथा 15 टन / हेक्टेयर गोबर की खाद के साथ-साथ अधिक उर्वरको की मात्रा (250 नाइट्रोजन: फॉस्फोरस: 90 पोटाश किलोग्राम/हेक्टेयर) डालनी चाहिए |
  • संकर बीज उत्पादन के लिए सस्य तकनीक: मक्का संकर (एचDयुपीएम -1, एचDयुपीएम -6, एचDयुपीएम -7, एचएम-1602, एचएम-1604 और एचएम -4) बीज उत्पादन के लिए, उच्च पौध संख्या (60 सेमी x 15 सेमी) तथा 15 टन / हेक्टेयर गोबर की खाद के साथ-साथ अधिक उर्वरको की मात्रा (250 नाइट्रोजन: फॉस्फोरस: 90 पोटाश किलोग्राम/हेक्टेयर) डालनी चाहिए| महिला और पुरुष पंक्तियों के बीच का अनुपात 3:1 या 4:1 रखना चाहिए |

एक नज़र में

अनुसंधान

प्रौद्योगिकी

सहयोग एवं संबंध

मक्का पर एआईसीआरपी

ज्ञान प्रबंधन

आरएफडी

मक्का विशेषज्ञ प्रणाली