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जैव प्रौद्योगिकी

कृषि जैव प्रौद्योगिकी का विषय इस संस्थान में 2011 में आरम्भ किया गया था। हालांकि, जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान की नींव इससे काफी पहले ही रख दी गई थी। अनुसंधान कार्यक्रम का प्रारंभिक ध्यान उष्णकटिबंधीय मक्का में सशक्त ट्रांसफॉर्मेशन सिस्टम विकसित करना तथा मक्का जर्मप्लाज्म का मॉलिक्यूलर मार्कर द्वारा विश्लेषण करके पादप प्रजनन गतिविधियों को समर्थन प्रदान करना था. इन दोनों ही कार्यक्रमों का सफल योगदान रहा और इन्होने जैव प्रौद्योगिकी कार्यक्रम को आगे और मजबूत करने के लिए एक आधार प्रदान किया। सारे विश्व में मक्का सुधार में जेनेटिक इंजीनियरिंग और जैव प्रौद्योगिकी की बढ़ती हुई भूमिका को देखते हुए, 12 वीं पंचवर्षीय योजना में सुविधाओं और वैज्ञानिकों की संख्या के मामले में संस्थान के जैव प्रौद्योगिकी कार्यक्रम का बड़े पैमाने पर विस्तार किया जा रहा है। कृषि जैव प्रौद्योगिकी की स्वीकृत काडर संख्या बढ़ा के 5 कर दी गई है, जिससे आने वाले समय में यह आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन के बाद निदेशालय का दूसरा सबसे बड़ा शोध समूह होगा ।

अनुसंधान

1. मक्का में अजैविक तनाव अनुकूलन के तंत्र की खोज

उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में अजैविक तनाव मक्का उत्पादकता को सीमित करने के मुख्य कारक हैं . हम इस तनाव प्रतिक्रिया के नियमन के पीछे बुनियादी तंत्र और आनुवंशिक तत्वों की पहचान करने में रुचि रखते हैं. हम अनुकूली विनियमन के तीन स्तरों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं: (क) आरओएस होमिओस्तेसिस, (ख) ट्रांसक्रिप्शनल रि-प्रोग्रामिंग और (ग) शेप्रोंस की उभरती भूमिका। हम कोशिका के miRNA प्रवाह के साथ इन कारकों के रिश्तों को समझने में भी रुचि रखते हैं. प्लांट फिजियोलॉजी समूह के साथ सहयोग में हमारे अध्ययन आरओएस संबंधित जीन के ट्रांसक्रिप्ट और प्रोटीन के स्तर में ऑक्सईडेटिव तनाव के तहत एक व्यापक रेडोक्स पुनर्संतुलन की ओर संकेत करते है। हमारा अंतिम उद्देश्य इन कोशकीय प्रणालियों से सम्बंधित नवीन जीनों की खोज करना है जिनका इस्तेमाल जेनेटिक इंजीनियरिंग द्वारा मक्का की जलवायु प्रतिरोधी किस्मों को तैयार करना है ।

2. तना छेदक प्रतिरोधी ट्रांसजेनिक मक्का

संस्थान के कीट विज्ञान समूह के साथ सहयोग में, हमने उष्णकटिबंधीय मक्का में एक मजबूत परिवर्तन प्रणाली का विकास किया है. हमने एक कृत्रिम cry1Ab जीन से मक्का ट्रांसफॉर्म किया है और इस समय ये ट्रांसजेनिक मक्का T2 अवस्था में है। इस समय हमारा ध्यान ट्रांसजेनिक मक्का की पीढ़ियों में ट्रांस्जीन एकीकरण और अभिव्यक्ति विश्लेषण पर है. हम कीट प्रतिरोध के लिए RNAi जैसी अगली पीढ़ी की गैर बीटी रणनीतियों में भी रुचि रखते हैं ।

शैक्षणिक गतिविधियाँ

जैव प्रौद्योगिकी समूह के वैज्ञानिक भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान पीजी स्कूल के आण्विक जीवविज्ञान और बायोटेक्नोलॉजी संकाय के सदस्य भी है ।

सुविधाएं

जैव प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला न्यूक्लिक एसिड विश्लेषण और पादप परिवर्तन के लिए आवश्यक सभी बुनियादी सुविधाओं से सुसज्जित है. प्रयोगशाला निदेशालय के विभिन्न समूहों के शोधकर्ताओं को भी कार्य करने का अवसर प्रदान करती है। निम्नलिखित सुविधाएं जैव प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला में उपलब्ध हैं:

  • जीन बंदूक
  • रीयलटाइम पीसीआर मशीन
  • ग्रेडिएंट और सामान्य पीसीआर मशीन
  • जेल वैद्युतकणसंचलन प्रणालियाँ
  • सेंत्रिफुज
  • रोटरी शेकर
  • आटोक्लेव
  • डीप फ्रीज और रेफ्रिजरेटर
  • बर्फ़ यंत्र
  • लेमिनार हुड कू
  • टिशू कल्चर रैक
  • ट्रांसजेनिक ग्रीनहाउस

कार्मिक:

नाम पदनाम अनुसंधान क्षेत्र
डॉ. प्रांजल यादव वैज्ञानिक एवं प्रयोगशाला प्रभारी जीन विस्मृति और अभिव्यक्ति के तंत्र और अनुप्रयोगों की खोज

अवसर:

हर साल, जैव प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला परास्नातक छात्रों की सीमित संख्या को उनके शोध प्रबंध कार्य के लिए प्रशिक्षण प्रदान करती है. अपनी स्वतंत्र फैलोशिप के साथ मक्का जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में काम करने के लिए इच्छुक डॉक्टरेट स्तर के छात्रों का स्वागत है। अधिक जानकारी के लिए हमारे प्रशिक्षण प्रकोष्ठ से संपर्क करें ।

एक नज़र में

अनुसंधान

प्रौद्योगिकी

सहयोग एवं संबंध

मक्का पर एआईसीआरपी

ज्ञान प्रबंधन

आरएफडी

मक्का विशेषज्ञ प्रणाली